Wednesday, February 25, 2026
29.7 C
Delhi

असम का अनमोल खज़ाना: अगरवुड (Agarwood) और ज़हीरुल इस्लाम की मेहनत

असम को ‘अगरवुड (Agarwood) का घर’ कहा जाता है। इसका इस्तेमाल इत्र और परफ्यूम बनाने में किया जाता है। ख़ासतौर पर अरब देशों में इसकी बहुत मांग है। यह व्यापार 40,000 करोड़ रुपये से भी ज़्यादा का है। हालांकि,असम के बहुत से लोगों को इसकी असल कीमत और ग्लोबल लेवल पर इसकी मांग के बारे में जानकारी नहीं थी।

ज़हीरुल इस्लाम का सऊदी से असम तक का सफ़र

सऊदी अरब की एक कंपनी में फाइनेंस एरिया में काम करने वाले असम के ज़हीरुल इस्लाम को जब पता चला कि उनके अपने गांव गोलाघाट में उगने वाला अगरवुड (Agarwood) पूरी दुनिया में लोकप्रिय है, लेकिन असम के किसानों को इसका उचित फ़ायदा नहीं मिल रहा है, तो वे हैरान रह गए। उन्होंने देखा कि अरब देशों के बड़े इत्र ब्रांड असम के अगरवुड (Agarwood) का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन असम के लोग ही इससे अनजान थे।

इस सोच के साथ, ज़हीरुल इस्लाम ने अपनी नौकरी छोड़ दी और असम लौट आए। उन्होंने सरकार को अगरवुड (Agarwood) की आर्थिक संभावनाओं के बारे में बताया। 17 साल की कड़ी मेहनत के बाद, उन्होंने असम सरकार को इस दिशा में कदम उठाने के लिए प्रेरित किया, जिसके परिणामस्वरूप असम के गोलाघाट में ‘असम अगर इंटरनेशनल ट्रेड सेंटर’ की स्थापना हुई। सरकार ने इस उद्योग में 50,000 करोड़ रुपये के व्यापार की योजना बनाई।

सफलता की राह में चुनौतियां

ज़हीरुल इस्लाम बताते हैं कि ये सफ़र आसान नहीं था। उन्होंने नीतियों में बदलाव के लिए सरकार से अपील की, रिसर्च की और किसानों को इस व्यापार में शामिल करने के लिए प्रयास किए। समाज में कई लोगों ने उनकी आलोचना की। जब उन्होंने सऊदी अरब की नौकरी छोड़ने का फैसला किया, तो कई लोगों ने उन्हें ‘पागल’ कहा। उस समय उनकी शादी हुई थी, और उनके मन में भविष्य को लेकर कई सवाल थे। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।

धीरे-धीरे, उनकी मेहनत रंग लाई। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा और कई प्रशासनिक अधिकारियों ने उनके इस प्रयास को समर्थन दिया। 2019 में असम कैबिनेट में ‘असम अगरो प्रमोशन पॉलिसी’ को मंजूरी मिली। ज़हीरुल इस्लाम के मुताबिक, आज भी लगभग 39-40,000 करोड़ रुपये का व्यापार गैर-कानूनी तरीके से हो रहा है, जिससे सरकार को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। कई व्यापारी इसे मलेशिया, इंडोनेशिया और थाईलैंड जैसे देशों से आयात कर रहे हैं। लेकिन इन सबके बीच, असम के किसानों को उनका हक नहीं मिल पा रहा था।

असम के किसानों को कैसे मिलेगा लाभ?

ज़हीरुल इस्लाम का मकसद असम के किसानों को उनकी मेहनत का पूरा लाभ दिलाना है। उन्होंने सरकार से इस उद्योग को कानूनी रूप से मज़बूत करने के लिए अपील की। सरकार ने भी इस ओर कदम बढ़ाए और अवैध व्यापार को रोकने के लिए नए कानून बनाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगरवुड (Agarwood) को सिर्फ़ दूसरे देशों को फायदा पहुंचाने के बजाय असम की अर्थव्यवस्था को भी मज़बूत बनाना चाहिए।

‘मेक इन असम’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ पहल

ज़हीरुल इस्लाम और उनकी टीम ने पहली बार असम बेस्ड ऊद परफ्यूम बनाया और ‘मेक इन असम’ ब्रांड को बढ़ावा दिया। उनकी पहल को केंद्र सरकार और राज्य सरकार का समर्थन मिला और गोलाघाट ज़िले को ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ योजना के तहत शामिल किया गया। सरकार अब अगरवुड (Agarwood) के लिए अलग से एक प्लेटफॉर्म विकसित कर रही है, ताकि ये कानूनी और व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ सके।

अगरवुड (Agarwood) व्यापार का भविष्य

ज़हीरुल इस्लाम ने कहा कि वे सऊदी अरब से असम वापस किसी से लड़ाई करने नहीं आए हैं। उनका मकसद सिर्फ़ यह है कि असम की इस अनमोल संपत्ति को कानूनी तरीके से बेचा जाए और किसानों को उचित मुनाफ़ा मिले। उनका मानना है कि अगर इस व्यापार को सही ढंग से विकसित किया जाए, तो असम को सिंगापुर जैसा विकसित राज्य बनाया जा सकता है।

अंतरराष्ट्रीय व्यापार और असम की संभावनाएं

आज पूरी दुनिया में जहां भी परफ्यूम बनता है, वहां असम के अगरवुड (Agarwood) का उपयोग किया जाता है। अगर इस व्यापार को सही दिशा में बढ़ाया जाए, तो असम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल सकती है। इस व्यापार से असम के पर्यटन उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि अगरवुड (Agarwood) ख़रीदने के लिए विदेशी व्यापारी खुद असम आ सकते हैं। सरकार, किसान, पब्लिक और व्यापारियों के सहयोग से अगरवुड (Agarwood) व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा सकता है। सरकार ने असम अगर इंटरनेशनल ट्रेड सेंटर गोलाघाट को पूरी तरह विकसित कर दिया है। अब यहां से अगरवुड (Agarwood) के तेल, चिप्स और दूसरे प्रोडक्ट्स का एक्सपोर्ट किया जाएगा।

केंद्र सरकार ने एक लाख किलोग्राम ऊद (अगरवुड) के एक्सपोर्ट की अनुमति दी है, जिसमें 5,640 किलोग्राम अगरवुड (Agarwood) ऑयल का कोटा भी शामिल है। ये असम की अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

शुद्ध परफ्यूम और असम की नई पहचान

पहले असम के व्यापारी केवल अगरवुड (Agarwood) चिप्स और तेल बेचते थे, लेकिन अब वे खुद से परफ्यूम भी बना रहे हैं। ज़हीरुल इस्लाम और उनकी टीम ने सिंथेटिक और केमिकल बेस्ड परफ्यूम से बचकर प्राकृतिक उत्पादों पर अपना फ़ोकस किया है। उनका लक्ष्य अगले पांच सालों में अगरवुड से 10,000 करोड़ रुपये का व्यापार करना है। सरकार का टारगेट 50,000 करोड़ रुपये सालाना टर्नओवर तक पहुंचने का है।

असम का सुनहरा भविष्य

अगरवुड (Agarwood) के व्यापार को कानूनी और व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाकर असम को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सकता है। ज़हीरुल इस्लाम और उनकी टीम का प्रयास असम के किसानों और व्यापारियों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है। अगर सरकार और जनता मिलकर इस दिशा में काम करें, तो असम को अगरवुड (Agarwood) के क्षेत्र में दुनिया की नंबर वन पहचान दिलाई जा सकती है।

ज़हीरुल इस्लाम का सपना है कि असम को एक अंतरराष्ट्रीय व्यापार केंद्र बनाया जाए, जहां से दुनिया भर के व्यापारी अगरवुड (Agarwood) खरीदने आएं। इससे असम की अर्थव्यवस्था को मज़बूती मिलेगी और राज्य की समृद्धि बढ़ेगी। अगरवुड सिर्फ़ एक प्रोडक्ट नहीं, बल्कि असम की धरोहर है, जिसे सहेजने और संवारने का काम कर रहे है ज़हीरुल इस्लाम।

ये भी पढ़ें: गृहणी से बिजनेस वुमन बनने का सफर: असम की तनया बोरकाकोटी की प्रेरक कहानी

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

India’s Last Handwritten Newspaper Defies Digital Era

Every evening in Chennai, three calligraphers sit in an...

Gurdwara Sri Dukh Niwaran Sahib – A Center of Faith, Hope, and Spiritual Peace 

Best of Sadda Punjab “Tegh Bahadur simariye ghar nau nidh...

An Educator Establishes Largest High-Tech Private Library in South Kashmir

Shahid Shafi Itoo envisioned an affordable private library with...

Keep Your Living Space Cool with indoor plants

When temperatures in Delhi touched 46°C last May and...

Khan Market: Refugee Camp to Global Landmark

Khan Market, Delhi, stands today as one of the...

Topics

India’s Last Handwritten Newspaper Defies Digital Era

Every evening in Chennai, three calligraphers sit in an...

Gurdwara Sri Dukh Niwaran Sahib – A Center of Faith, Hope, and Spiritual Peace 

Best of Sadda Punjab “Tegh Bahadur simariye ghar nau nidh...

An Educator Establishes Largest High-Tech Private Library in South Kashmir

Shahid Shafi Itoo envisioned an affordable private library with...

Keep Your Living Space Cool with indoor plants

When temperatures in Delhi touched 46°C last May and...

Khan Market: Refugee Camp to Global Landmark

Khan Market, Delhi, stands today as one of the...

Assam Tribes Mastered Tea Centuries Before the British

The thick forests of eastern Assam hold a secret...

Manipuri Film Boong Wins Historic BAFTA Award

When Director Lakshmipriya Devi stepped up to accept the...

Your Reading Circle (YRC) Builds Reading Communities Beyond Silent Book Clubs

The Your Reading (YRC) Circle initiative is reshaping how...

Related Articles