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Fake News की पहचान: क्या है हर नागरिक की ज़िम्मेदारी? अफ़वाहों से आप कैसे बच सकते हैं?

भारत-पाकिस्तान के मौजूदा हालात के बीच सोशल मीडिया में कई तरह की खबरें और वीडियो सर्कुलेट हो रहे हैं। सोशल मीडिया की तेज़ रफ़्तार दुनिया में जहां हर पल कोई न कोई ख़बर वायरल होती है, वहां ये तय करना मुश्किल हो जाता है कि क्या वाकई वो बात सच है या महज़ अफ़वाह। ऐसे में हर नागरिक की ज़िम्मेदारी बनती है कि वो फेक न्यूज़ की पहचान करें और समाज को गलत सूचना से बचाए।

सोशल मीडिया पर Fake News 

आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया हमारी जानकारी का सबसे तेज़ और प्रभावशाली माध्यम बन चुका है। लेकिन यही प्लेटफॉर्म फेक न्यूज़ यानी झूठी या भ्रामक खबरों के सबसे बड़े स्रोतों में भी बदल गया है। बिना पुष्टि के खबरें वायरल होती हैं, जिससे समाज में अफ़वाहें फैलती है। कुछ लोग जानबूझकर गलत जानकारी फैलाकर लोगों को गुमराह करते हैं, जबकि कई बार लोग अनजाने में ऐसी खबरें शेयर कर देते हैं। इसलिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय हर यूज़र की ज़िम्मेदारी बनती है कि वो खबर की सच्चाई जांचे, विश्वसनीय स्रोत से ही जानकारी साझा करे, और अफवाहों को आगे बढ़ाने से बचें। जागरूक रहकर ही हम फ़ेक न्यूज़ के खतरे से समाज को सुरक्षित रख सकते हैं।

Fake News से कैसे बचें? 

हर मैसेज या वीडियो पर फ़ौरन यक़ीन न करें।

ये देखें कि जानकारी किसने दी है- क्या वो कोई सरकारी या भरोसेमंद ज़रिया है?

PIB Fact Check जैसे Official Sources से जानकारी की जांच करवाएं।

बिना तस्दीक के WhatsApp या Facebook पर कोई झूठी जानकारी शेयर न करें।

वीडियो या तस्वीर देखकर भावनाओं में न बहें- सोचें, समझें और फिर प्रतिक्रिया दें।

तस्वीर की जांच करें: अगर कोई तस्वीर या वीडियो आपको चौंकाता है, तो उसे Google Reverse Image Search जैसे टूल्स से चेक करें। हो सकता है वो किसी और देश या समय की हो।

अगर कोई ख़बर सही है या नहीं, ये जानना हो तो कहां जाएं?

आप सीधे PIB Fact Check से संपर्क कर सकते हैं:

WhatsApp: +91 8799711259

Email: [email protected]

वेबसाइट: https://factcheck.pib.gov.in/

PIB यानी प्रेस इनफार्मेशन ब्यूरो की Fact Check Unit नवंबर 2019 में अस्तित्व में आई। इसका मक़सद बिल्कुल सीधा है। भारत सरकार से जुड़ी किसी भी झूठी या भ्रामक जानकारी की पड़ताल करना और उसे सही तथ्यों के साथ जनता के सामने लाना।

ये यूनिट न सिर्फ़ सोशल मीडिया की पोस्टों पर नज़र रखती है, बल्कि आम नागरिकों से मिली शिकायतों पर भी कार्रवाई करती है। चाहे वो कोई वायरल वीडियो हो, कोई अख़बार की कटिंग, सरकारी योजना के नाम पर कोई स्कीम हो या प्रधानमंत्री के नाम से घूमती कोई नकली घोषणा। अगर वो केंद्र सरकार से जुड़ी है, तो PIB Fact Check टीम उसे जांचकर उसकी असलियत सामने रखती है।

हर नागरिक की ज़िम्मेदारी: अफ़वाह के ख़िलाफ़ एक जागरूक समाज

किसी भी समाज की मज़बूती सिर्फ़ सरकारी संस्थानों पर नहीं टिकी होती, बल्कि उस समाज के लोगों की जागरूकता और ज़िम्मेदारी भी मायने रखती है। झूठ और अफ़वाहों के इस दौर में ये हर नागरिक का फ़र्ज़ बनता है कि वो किसी भी सूचना को आंख मूंद कर न माने। WhatsApp यूनिवर्सिटी और Facebook के गलियारों में जो ‘ख़बरें’ मिलती हैं, वे कई बार शांति को अशांति में बदल देती हैं।

PIB फैक्ट चेक यूनिट जैसी संस्थाएं इन अफ़वाहों के ख़िलाफ़ एक दीवार बनकर खड़ी हैं, लेकिन ये दीवार तब और मज़बूत होगी जब आम नागरिक भी इसमें अपनी ईंट लगाएंगे यानि जागरूकता की ईंट।

तो अगली बार जब कोई ‘ब्रेकिंग न्यूज़’ या ‘एक्सक्लूसिव खुलासा’ आपके फ़ोन पर चमके तो रुकिए, सोचिए, और फिर तय कीजिए कि आप अफ़वाह का हिस्सा बनेंगे या सच्चाई के साथी।

रक्षा मंत्रालय की लोगों से अपील फर्ज़ी ख़बरों से सावधान!

भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया तनाव के बीच सोशल मीडिया पर झूठी और भ्रामक ख़बरों की बाढ़ सी आ गई है। ख़ासकर व्हाट्सऐप जैसे मैसेजिंग ऐप्स पर हर मिनट कोई न कोई ‘ब्रेकिंग न्यूज़’ वायरल हो रही है। लेकिन ज़रूरी नहीं कि हर ख़बर सच्ची हो।
इसी चिंता को देखते हुए रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को देशवासियों से साफ़-साफ़ कहा है कि, “फर्ज़ी ख़बरों के जाल में मत फंसिए। जो भी जानकारी लें, सिर्फ़ आधिकारिक और भरोसेमंद स्रोतों से ही लें।”


मंत्रालय ने ‘X’ (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट के ज़रिए जनता से अपील की “इस संवेदनशील माहौल में कई तरह की अफ़वाहें और झूठी बातें व्हाट्सएप पर वायरल हो रही हैं। इनसे सावधान रहें और रक्षा मंत्रालय से जुड़ी सही जानकारी के लिए हमारे ऑफ़िशियल व्हाट्सएप चैनल को फॉलो करें।”

ये भी पढ़ें: Operation Sindoor: Social Media में फैली इन Fake News से रहें सावधान, PIB का FACT CHECK क्या कहता है?

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