Friday, January 2, 2026
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Mohd Saboor Ali

मोहम्मद मिर्ज़ा रज़ा बर्क़: लखनऊ की नफ़ासत, शायरी की रवायत और एक फ़नकार की दास्तान

उर्दू शायरी की दुनिया में बहुत से नाम ऐसे हैं जिन्होंने अपने दौर में ख़ामोशी से कमाल किया, मगर...

ग़ुलाम हमदानी मुसहफ़ी: एक ‘उस्ताद-उल-उस्ताद’ की दास्तान-ए-हयात और उनका ग़मगीन फ़न

ग़ुलाम हमदानी मुसहफ़ी, उर्दू अदब की उस आलीशान इमारत के मज़बूत सुतूनों में से एक हैं, जिनकी ज़िंदगी फ़ाक़ा-मस्ती,...

मुहम्मद हुसैन आज़ाद: उर्दू नस्र को नया अंदाज़ और नज़्म को नई राह दिखाने वाले रोशन चिराग़ शायर

उर्दू अदब की तारीख़ में कुछ नाम ऐसे दर्ज हैं जो सिर्फ़ अपनी इल्मी ख़िदमत की वजह से नहीं,...

मह लक़ा चंदा: उर्दू की पहली रौशन ख़ातून-ए-शायरा

उर्दू अदब का इतिहास जब भी अपने सुनहरे सफ़ों को पलटता है, तो कुछ नाम ऐसे चमकते हैं जिन्हें...

इस्माइल मेरठी: बच्चों की दुनिया को नई ज़बान देने वाला अदब का उस्ताद

इस्माइल मेरठी उर्दू अदब में एक ऐसी रोशन शख़्सियत हैं, जिनकी मौजूदगी के बग़ैर न तो बच्चों के साहित्य...

इमाम बख़्श नासिख़: लखनऊ की नाज़ुक-ख़्याली और नई तहज़ीब के उस्ताद

“तेरी सूरत से किसी की नहीं मिलती सूरतहम जहां में तिरी तस्वीर लिए फिरते हैं”इमाम बख़्श नासिख़ ऐसे दिल छू...
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हैदर अली आतिश: लखनऊ की नफ़ासत और दिल्ली की रिवायत का वो शायर जिसने इश्क़ को नई ज़ुबान दी

उर्दू शायरी की दुनिया में कुछ नाम ऐसे हैं जिनका ज़िक्र आते ही एक ख़ास नूर, एक ख़ास रूहानी...

नवाब आसिफ़ उद्दौला: लखनऊ की तहज़ीब, तामीर और शायरी का वो दौर जिसने इतिहास को महका दिया

नवाब आसिफ़ उद्दौला, जिन्हें लखनवी सक़ाफ़त, संजीदा तहज़ीब और रंगीन उर्दू शायरी के सबसे बड़े सरपरस्त के तौर पर...

अब्दुल मन्नान समदी: रूहानी एहसास और अदबी फ़िक्र का संगम

उर्दू शायरी की सरज़मीन हमेशा से नए जज़्बात, नए एहसास और नई आवाज़ों की तलाश में रही है। यही...

डॉ. अमीता परसुराम ‘मीता’ की शायरी में बोलते हैं जज़्बात, एहसासों को लफ़्ज़ों में पिरोकर कहती हैं- ज़िंदगी अब तुझे संवारें क्या…

'बदल कर आइना तुम देख लो कुछ भी नहीं होगा,कभी वाज़ेह, कभी धुंधला मगर सच फिर वही होगा।'डॉ. अमीता...

आमिर अज़हर: वो आवाज़ जो अल्फ़ाज़ को ज़िन्दा कर देती है, कहते हैं कुछ रास्ते मंज़िल नहीं बताते…

उर्दू अदब की दुनिया में कुछ आवाज़ें ऐसी होती हैं जो सिर्फ़ सुनाई नहीं देतीं, बल्कि दिल के गहराई...

अब्बास क़मर उर्दू अदब वो उभरता सितारा, जिसने कहा ‘दुश्वारियों में भी मुस्कुराने की तलब रही’

“जहां सारे हवा बनने की कोशिश कर रहे थे,वहां भी हम दिया बनने की कोशिश कर रहे थे।”अब्बास क़मर ये...