कश्मीर के बडगाम ज़िले के फराशगुंड दहरमुना गांव की युवा महिला वकील यज़ान उल यासरा (Yazan ul Yasra) ने अपने क्षेत्र का नाम रौशन किया है। यज़ान उल यासरा ने प्रतिष्ठित ज़िला मुकदमा अधिकारी परीक्षा (District Litigation Officer Exam) अच्छी रैंक से पास की है। यज़ान उल यासरा ने पूरे केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर में तीसरी रैंक हासिल की है, जबकि कश्मीर में वो सफल उम्मीदवारों की सूची में शीर्ष स्थान पर है।
यज़ान उल यासरा का परिवार शुरू से अपनी बेटी को डॉक्टर बनते देखना चाहता था, लेकिन नियति ने यासरा के लिए कुछ अनोखा और अलग लिखा था। वो कभी भी डॉक्टर नहीं बनना चाहती थीं। 2013 में उनका चयन कश्मीर विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ़ लॉ (Law, University of Kashmir) में बीए, एलएलबी (BA LLB) के लिए हो गया। अपनी LLB पूरी करने के बाद, उन्होंने कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) में भाग लिया। कश्मीर से तीसरी रैंक के साथ इसे उत्तीर्ण किया है। पंजाब के प्रतिष्ठित राजीव गांधी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ लॉ पटियाला में एलएलएम करने के लिए एडमिशन लिया।
पिता की मृत्यु के बाद से वित्तीय बाधाओं ने भी यासरा के लिए चीज़ें मुश्किल कर दी थीं। यासरा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने शिक्षकों को दिया है। ऐसी ही परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को संदेश देते हुए वो कहती हैं, “सफलता रातों-रात नहीं मिलती, वास्तव में ये सही समय पर आती है। कड़ी मेहनत का कोई विकल्प नहीं है, इसलिए लक्ष्य हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए।”
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