पुणे के जावेद शेख की ज़िदंगी प्रेरणा और मार्गदर्शन करने वाली है। जरूरतमंदों को इमदाद करना जावेद की खानदानी परंपरा रही है, इसलिए जावेद को भी बचपन से लोगों की मदद करना अच्छा लगता था। जिन झुग्गी झोपड़ियों में बिजली की पहुंच नहीं, उन झोपड़ियों को रौशन करने का जिम्मा जावेद शेख ने उठाया।जावेद की बड़ी बहन वाज़िया भी समाज सेवा करना चाहती थीं, इसलिए भाई-बहनों ने मिलकर अपने वालिद की याद में यूसुफ फाउंडेशन की स्थापना की।
जावेद ने ‘आवाज़ द वॉयस’ को बताया कि जब वो लोगों से बिजली की परेशानी पर बात करने के लिए गए तो पता चला कि ‘बिजली कनेक्शन’ लेने के लिए पैसे नहीं हैं या बिल न चुकाने की वजह से कनेक्शन हटा दिया गया था। गरीबों की इस लाचारी से जावेद काफी दुखी हुआ करते थे। उन्होंने इन जरूरतमंद लोगों की मदद करने का फैसला लिया और इस अंधेरे को दूर करने के लिए सोलर एनर्जी का इस्तेमाल किया।
यूसुफ फाउंडेशन ने पुणे की कई सड़कों पर आधुनिक ‘कोल्ड मिक्स’ तकनीक की मदद से गड्ढों को भरने का बीड़ा उठाया। उनकी इस पहल की काफी सरहाना हुई। जावेद की जद्दोजहद से उन लोगों के घरों और जिंदगियों में रौशनी आई जिनकी कई पीढ़ियां अंधेरे में गुजरीं। अपने यूसुफ फाउंडेशन के जरिये, उन्होंने अंधेरे घरों में सोलर लाइटें लगाईं और वहां रहने वाले लोगों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरी।
इस ख़बर को पूरा पढ़ने के लिए hindi.awazthevoice.in पर जाएं।
ये भी पढ़ें:‘मस्जिद परिचय’ सातारा की बैतुलमाल कमिटी की अनोखी पहल
आप हमें Facebook, Instagram, Twitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं।